माँ सरस्वती और शुक्र ग्रह का रहस्यमय संबंध
वैदिक परंपरा में जब भी ज्ञान, कला और सौंदर्य की बात आती है, तो देवी-देवताओं और ग्रहों के बीच एक सूक्ष्म लेकिन गहरा संबंध दिखाई देता है। माँ सरस्वती को विद्या, वाणी, संगीत और बौद्धिक चेतना की देवी माना जाता है, जबकि शुक्र ग्रह को सौंदर्य, कला, प्रेम, रचनात्मकता और विलासिता का कारक कहा गया है। एक अनुभवी Online Astrologer की दृष्टि से देखें, तो ये दोनों शक्तियाँ अलग होते हुए भी चेतना के एक ही स्तर पर कार्य करती हैं—जहाँ ज्ञान, अभिव्यक्ति और सौंदर्य एक-दूसरे में घुल-मिल जाते हैं। Contact for more information visit our website:- Astrologer माँ सरस्वती: ज्ञान और शुद्ध चेतना की देवी माँ सरस्वती वैदिक देवियों में सबसे सूक्ष्म और सात्त्विक ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करती हैं। वे केवल पुस्तकों तक सीमित ज्ञान नहीं देतीं, बल्कि आत्मबोध, विवेक और रचनात्मक बुद्धि का भी जागरण करती हैं। श्वेत वस्त्र, वीणा, हंस और पुस्तक—इन सभी प्रतीकों के पीछे गहरा आध्यात्मिक अर्थ छिपा है। हंस विवेक का प्रतीक है, जो दूध और पानी को अलग कर सकता है, ठीक वैसे ही जैसे सच्चा ज्ञान सत्य और असत्य में भेद करना सिखाता है। ज्योतिष क...